Monday, November 27, 2017

कितने दूर  निकल गए, रिश्तो को निभाते निभाते..

*कितने दूर  निकल गए,
*रिश्तो को निभाते निभाते..

*खुद को  खो  दिया हमने,
*अपनों को पाते पाते..

*लोग कहते है हम  मुस्कुराते  बहोत है,
*और हम थक गए  दर्द  छुपाते छुपाते..

*खुश हूँ और सबको  खुश  रखता हूँ,
*लापरवाह हूँ फिर भी सबकी  परवाह करता हूँ..

*मालूम है कोई मोल नहीं मेरा,
*फिर भी...,
*कुछ अनमोल  लोगो से  रिश्ता बनाके रखता हूँ !!

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