Thursday, October 19, 2017

बिन माँगे सब मिल जायेगा

*होती आरती, बजते शंख,*
                *पूजा में सब खोए है,*
*मंदिर के बाहर तो देखो,*
                 *भूखे बच्चे सोए है |*
*एक निवाला इनको देना,*
                *प्रसाद मुझे चढ जायेगा,*
*मेरे दर पर माँगने वाले,*
       *तुझे बिन माँगे सब मिल जायेगा !*

ज़माने के रिवाजों से सबक मैंने ये सीखा है......

"ज़माने के रिवाजों से,
सबक मैंने ये सीखा है

"किसी के साथ मत चलना"

अगर चलना पड़े भी तो,
हमेशा फासले रखना

की ज्यादा पास आने से,
ये रिश्ते टूट जाते हैं।

Monday, October 9, 2017

*वैसा तो मैं इंसान नहीं।*

*कमियाँ तो मुझमें भी बहुत है,*
                      *पर मैं बेईमान नहीं।*
*मैं सबको अपना मानता हूँ,*
     *सोचता हूँ फायदा या नुकसान नहीं।*
*एक शौक है शान से जीने का,*
           *कोई और मुझमें गुमान नहीं।*
*छोड़ दूँ बुरे वक़्त में अपनों का साथ,*
                  *वैसा तो मैं इंसान नहीं।**

Friday, October 6, 2017

मेरे मालिक

*वो दिन कभी मत दिखाना*
*मेरे मालिक,*
*कि मुझे,*
*अपने आप पर*
*गुरुर हो जाये,*
*रखना मुझे इस तरह*
*सब के दिलों में,*
*कि*
*हर कोई*
*दुआ देने को मजबूर हो जाये।।*

Wednesday, October 4, 2017

ओस की बुँदे हैं,आँखों में नमी है.......

ओस की बूंदे है, आंख में नमी है,
ना उपर आसमां है ना नीचे जमीन है,
ये कैसा मोड है जिन्‍दगी का,
जो लोग खास है उन्‍की ही कमी हैं....

Tuesday, October 3, 2017

वक्त की आवाज


          *✍वक्त से लड़कर*
            *जो नसीब बदल दे !!*
            *इन्सान वही जो*
      *अपनी तक़दीर बदल दे !!*
            *कल क्या होगा*
            *कभी मत सोचो !!*
        *क्या पता कल वक्त खुद*
       *अपनी तस्वीर बदल दे !!*